पीसीएस परीक्षा Believe me you can !
पीसीएस परीक्षा की कैसे करें तैयारी और क्या strategy अपनाएँ
जैसा कि आपको पता है अन्य राज्यों की तुलना में हमारे राज्य में पीसीएस परीक्षा एक नहीं प्रत्येक 2 साल के बाद आ रही है । अभी तक उत्तराखंड में पीसीएस परीक्षा मात्र 4 बार 2003, 2005, 2008,2012 में हुई है । ऐसे में इस ऑपर्चुनिटी को खोना और अगली परीक्षा के लिए सोचने से बेहतर है, इस महाकुंभ में शामिल हों और ऐसी डुबकी लगाकर बाहर निकलें की सारे दुख दर्द (अन्य परीक्षाओं में असफल होने का गम या मानसिक तनाव) गायब हों जाएँ । आज हम आपको परीक्षा की तैयारी के लिए पूरी strategy बताएँगे । अगर इसे अपनाएँ तो निश्चित सफलता आपकी होगी । जिसके माध्यम से सभी को अत्यधिक मदद मिलेगी । हमारे द्वारा आपको बाजार में बिक रही महंगी किताबों से बेहतर आपको किन पुस्तकों का चयन करना है यह भी इस ब्लॉग के द्वारा आपको बताया जाएगा इसके लिए पहले कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर ध्यान दें । जो आपकी सफलता के chances 99.99% बढ़ा सकते हैं ।
1- सही हथियार का चयन:-
आप खुद बताएं एक लकड़हारा जंगल में लकड़ी काटने जाता है और उसकी कुल्हाड़ी में धार नहीं है तो क्या वह लकड़ी सही तरीके से काट पाएगा ? इसी तरह किस पुस्तक का चयन करें और ना करें या बहुत महत्वपूर्ण है । आज आप खुद देखते हैं बाजार में बहुत महंगी महंगी किताबों की बिक्री होती है । हमारे पास आपके सेकड़ों संदेश आए हैं इसके लिए हम आपका आभार भी व्यक्त करते हैं । उनमें से कई ने यह पूछा है कि कौन सी पुस्तक का चयन करना ज्यादा उपयोगी है । तो चलिये आपको ‘उत्तराखंड पीसीएस प्री’ परीक्षा की पुस्तकों की लिस्ट दे देतें हैं ।
नोट:- अगर आप 6 से 12वीं तक की ncert की पुरानी पुस्तकें पढ़ लेते हें तो आपको कुछ और पढ़ने की आवश्यकता नहीं है लेकिन अगर ये पुस्तकें नहीं मिल पाती हैं तो नीचे दिये गए विकल्पों का चयन करें ।
1- इतिहास – प्राचीन, मध्यकालीन, और आधुनिक भारत के लिए s k pandey की पुस्तकें सफलता के chances काफी हद तक बढ़ा देती हैं, जो परीक्षा उपयोगी होने के साथ साथ ज्ञान परक भी हैं । इतिहास में इससे बाहर से नहीं आएगा । ये पुस्तकें pre और mains के लिए समान रूप से उपयोगी हैं ।
2- राजव्यवस्था – राजव्यवस्था के लिए आप एम॰ लक्ष्मीकान्त की भारत की राजव्यवस्था का चयन कर सकते हैं, साथ ही साथ dd basuभी काफी अच्छी है लेकिन इसकी भाषा थोड़ा कठिन है । तीसरी पुस्तकपरीक्षा वाणी की राजव्यवस्था है । अगर साधारण सी भाषा में कहें तो परीक्षा वाणी एक जबरदस्त विकल्प आपके लिए हो सकता है । उत्तराखंड में अधिकतर इसी से पूछा जाता है ।
3- भूगोल – ज्ञान भूगोल की पुस्तक ने इस समय पूरे बाजार में धूम मचाई है । इस पुस्तक का layout बहुत अच्छा है colored होने के साथ यह आईएएस पीसीएस और परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी है । अन्य विकल्पों में आप choose कर सकते हैं भारत एवं विश्व का भूगोल – लेखक- मजीद हुसैन ।
4- अर्थव्यवस्था :- अर्थव्यवस्था के लिए आप चुनाव कर सकतें हैं टाटा मेग्रा हिल के लेखक रमेश सिंह की पुस्तक भारतीय अर्थव्यव्स्था का । यह एक स्कोरिंग subject होता है, इसमें आप काफी अच्छे अंक अर्जित कर सकते हैं ।
5-आर्थिक एवं सामाजिक विकास :- आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए आप इंटरनेट की मदद ले सकते हैं ।
6- उत्तराखण्ड :- इस पुस्तक के लिए सबसे अच्छा suggestion परीक्षा वाणी है ।
7- विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी :- इसके लिए भी आप टाटा मेग्रा हिल या परीक्षा वाणी की पुस्तकें पढ़ सकते हैं । अगर ये नहीं पढ्न चाहते हैं तो सामान्य विज्ञान की घटना चक्र की पिछली परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों वाली पुस्तिका पढ़ लें उससे बाहर से नहीं पूछा जाएगा ।
8- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटना चक्र :-
पेपर 2 :- सामान्य बुद्धिमत्ता में आपके रीजनिंग और गणितीय क्षमता को आँका जाएगा । जिसमें शाब्दिक और गैर शाब्दिक दोनों शामिल हैं ।Maths के लिए R S अग्रवाल और रीजनिंग के लिए S CHAND की विजय तिवारी भी एक बेहतर विकल्प है (यह पुस्तक R S अग्रवाल का छोटा रूप है) ।
3- शुरू करने से पहले समय निर्धारण :- क्या होता अगर आपके पास हर रोज 86400 रुपए आपके बैंक खाते में आते और आपको बोला जाता कि अगर आपने इन्हें नहीं निकाला तो तो ये dump हों जाएंगे ? आप जरूर निकाल लेते । इतने ही सेकंड हमें रोज मिलते है । इनका भरपूर उपयोग करो । आज से अभी से बस यही सोचो में एक प्रशासनिक पद पर हूँ । अगर में उठता हूँ बैठता हूँ , खाता हूँ, पीता हूँ, तो एक प्रशासनिक पद पर होते हुये क्या में सही तरीके से यह कर रहा हूँ । बस ऐसा ही रोज करते जाइए and believe me guys आप कर सकते हैं ।
4- कुछ भी कठिन नहीं कुछ भी असंभव नहीं:- Albert Einstein कोsuper human इसलिए बोला जाता है, क्योंकि उन्होने अपने दिमाग का सर्वाधिक उपयोग किया । सोचो अगर तुमने अपने दिमाग का 5% इस्तेमाल कर लिया तो क्या होगा? अगर ये सोचते हो मुझे याद नहीं होता, अगर ये सोचते हो मुझे नहीं होगा , तो बस भूल जाओ उस प्रशासनिक पद पर पहुँचना जिसका सपना आपने कई वर्षों से देखा है,जिसकी उम्मीद आपके माँ बाप ने आपसे लगाई है । दोस्त ! एक बात और कहना चाहूँगा, अगर अपने लिए नहीं करने चाहते तो किसी और के लिए करो । लेकिन कर के दिखाओ । आपके घर वाले आपसे जरूर कहते होंगे तू कुछ नहीं कर सकता या कुछ नहीं है तेरे बस की । आप अभी से ये निश्चय कर लो कि अब जो तुम कर के दिखाओगे, तुम्हारे माँ बाप जो आज तक तुमसे ऐसा कहते थे उनकी आँखों में आपके लिए खुशी और अप पर गर्व दिखेगा । सारे बंधन तोड़ के आगे बढ़ो । आज तक जो हुआ, हुआ । अब जो होगा वो बस आपके डैम पर आपकी इच्छाशक्ति के बल पर होगा । और पेपर बनाने वाले भी तो इंसान ही हैं ना ?
आपके दिमाग में ये जरूर आता होगा :-
अभी तक किसी परीक्षा में सफल नहीं हुआ
अब में किसी exam को कैसे crack कर पाऊँगा ।
दूसरे लोग कितना पढ़ते हैं ।
तुम दूसरों के बारे में सोचने से ज्यादा अपने बारे में क्यों नहीं सोचते ?हर कोई यही सोच रहा है दूसरा क्या कर रहा है । अपने बारे में सोचने वाला सफ़लता की सीढ़ियाँ छूता है, अन्य जो गम में पढे हुये हैं बस वो उससे कभी उभर नहीं पाएंगे । दूसरों से अच्छा खुद पर ध्यान दो ।
आखरी लेकिन महत्वपूर्ण बिन्दु :-
कभी खुद को दूसरों से कम मत आंकें, आप विशिष्ट हैं सबसे अद्भुद हैं । सिर्फ और सिर्फ एक लक्ष्य बनाएँ, क्योंकि अगर दूसरे विकल्प का चुनाव करते हैं तो 100 % chances हैं आपका पहला लक्ष्य कमजोर पड़ जाएगा । साथ ही साथ कभी नकारात्मक्ता का पौधा अपने दिमाग में ना उगने दें । याद रखिए ये एक ऐसा पौधा है जिसे ना पनी की जरूरत है ना धूप की , लेकिन आपके दिमाग में यह इतनी गहरी जढें और शाखाएँ विकसित कर लेता है कि अवसाद, मानसिक तनाव और भूलने की बीमारियाँ तक हो जाती हैं । तो इस दानव के खात्मे का एकमात्र तरीका है सकारात्मकता का बिजारोपण करना और सिर्फ और सिर्फ सकारात्मक सोचना । बस आज से अभी से अपने लक्ष्य पर ध्यान दो क्योंकि आप और सिर्फ आप ही इस लक्ष्य को हांसिल कर सकते हैं बस विश्वास करें आप कर सकते हैं । और कर के दिखाएंगे ।
ALL THE BEST....
http://www.examkona.com/2016/10/believe-me-you-can.html
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